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वाइब्रेशन घटावल: हिताची एक्सकैवेटर पर लागल फेरी मल्चर के रोटर बैलेंसिंग

हिताची एक्सकैवेटर पर लागल फेरी मल्चर के रोटर के बैलेंस करब वाइब्रेशन घटावे आ उपकरण के आयु बढ़ावे खातिर एगो जरूरी प्रक्रिया बा। त, रोटर के असंतुलन (अनबैलेंस) आ ओकरा से होखे वाला वाइब्रेशन के मूल कारण का हो सकेला? रोटर बैलेंसिंग खातिर Balanset-1A के इस्तेमाल कइला से ई काम बिना कवनो झंझट के हो जाला।

1. कटर सभ में द्रव्यमान (मास) के अंतर:

मल्चर के नया कटर सभ के साथ बैलेंस करे के सलाह दिहल जाला, काहेकि नया आ पुरान कटर के द्रव्यमान में अंतर 500 ग्राम तक हो सकेला। एगो मल्चर में एइसन 30 से 50 कटर हो सकेला, एहसे असंतुलन काफी बड़हन हो सकेला।

2. अत्यधिक ऑपरेटिंग कंडीशन:

मल्चर सभ लगातार भारी लोड आ कठिन काम के परिस्थिति में लागल रहेला। वाइब्रेशन मल्चर के बॉडी में मैकेनिकल डैमेज या टूट-फूट के चलते बनल दरार (क्रैक) सभ से निकल सकेला।

3. बेयरिंग:

बेयरिंग के जांच करे के सबसे आसान तरीका बा — पुली से बेल्ट सभ के हटा के रोटर के एगो बड़हन क्रोबार से हिलावल। जदी कवनो खेल (प्ले) महसूस होखे, त बेयरिंग के बदलल जरूरी बा। दुर्भाग्य से, मल्चर ऑपरेटर लोग अक्सर बेयरिंग सभ में नियमित रूप से हाई-टेम्परेचर लुब्रिकेंट लगावल भुला जाला।

4. बेयरिंग के गलत इंस्टॉलेशन:

नया बेयरिंग लगावत घरी ई सुनिश्चित करब बहुत जरूरी बा कि ऊ ओवरटाइट न होखे। इंस्टॉलेशन के बाद रोटर के हाथ से घुमा के देखीं; ई बिना कवनो रुकावट के आजादी से घूमे के चाहीं।

5. हाउसिंग से रोटर के संपर्क:

रोटर के हाउसिंग के भीतर कवनो स्थिर हिस्सा सभ के छूए या रगड़े ना चाहीं, काहेकि एहसे अत्यधिक वाइब्रेशन आ अतिरिक्त टूट-फूट हो सकेला।

निष्कर्ष:

Balanset-1A के इस्तेमाल क के हिताची एक्सकैवेटर पर लागल फेरी मल्चर के रोटर बैलेंसिंग रउरा उपकरण के कुशल संचालन सुनिश्चित करे खातिर एगो अहम कदम बा। नियमित रखरखाव आ बारीकी पर ध्यान देवे से वाइब्रेशन काफी हद तक घट सकेला, मल्चर के आयु बढ़ सकेला, आ मरम्मत के खर्च कम हो सकेला।

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