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रोटर बैलेंसिंग — प्रक्रिया, प्रकार & मानक

📌 प्रामाणिक संदर्भ लेख — vibromera.eu

घूमत मशीनरी के बैलेंस करे के पूरा गाइड: स्टैटिक बनाम डायनामिक (सिंगल-प्लेन अउरी टू-प्लेन), इन्फ्लुएंस कोएफिशिएंट मेथड, ISO 21940 टॉलरेंस, फील्ड बैलेंसिंग, अउरी करेक्शन तकनीक।

ई गाइड ओह फील्ड बैलेंसिंग पद्धति के दर्शावेला जवन Vibromera इस्तेमाल करेला, जेकर Balanset टू-प्लेन इंस्ट्रूमेंट नीचे बतावल गइल इन्फ्लुएंस कोएफिशिएंट मेथड के लागू करेला।

एही विषय के खरीद-निर्णय वाला नजरिया खातिर देखीं पोर्टेबल बैलेंसिंग मशीन कइसे चुनल जाव.

पोर्टेबल बैलेंसर & वाइब्रेशन एनालाइजर Balanset-1A

वाइब्रेशन सेंसर

ऑप्टिकल सेंसर (लेजर टैकोमीटर)

Balanset-4

चुंबकीय स्टैंड Insize-60-kgf

रिफ्लेक्टिव टेप

डायनामिक बैलेंसर “Balanset-1A” OEM

स्टैटिक बनाम डायनामिक बैलेंसिंग

दुनो मूल बैलेंसिंग प्रकार — रोटर के ज्यामिति आ मौजूद अनबैलेंस के प्रकार से तय होला

📍
स्टैटिक (सिंगल-प्लेन)
एगो करेक्शन प्लेन
सुधारल जाला स्टैटिक अनबैलेंस — रोटर के सेंटर ऑफ मास रोटेशन एक्सिस से हटल होला बाकिर इनर्शिया एक्सिस समानांतर रहेला। एगो सिंगल "हेवी स्पॉट" के बराबर। बिना घुमवले पता लगावल जा सकेला (गुरुत्वाकर्षण एकरा के नाइफ-एज पर उजागर क देला)।
तल (प्लेन)1 करेक्शन प्लेन
सेंसर1 वाइब्रेशन सेंसर + 1 टैकोमीटर
रोटर के आकारडिस्क जइसन, L/D < 0.5
उदाहरणफैन इम्पेलर, पुली, ग्राइंडिंग व्हील, संकीर्ण फ्लाईव्हील
Balanset मोडF2 — सिंगल-प्लेन
💫
डायनामिक (टू-प्लेन)
दू करेक्शन प्लेन
सुधारल जाला डायनामिक अनबैलेंस — आम मामला जवन स्टैटिक अउरी कपल कंपोनेंट दुनो के जोड़ेला। इनर्शिया एक्सिस न त रोटेशन एक्सिस के समानांतर होला, न त एकरा से कटेला। ई खाली घूमत घरी पता लगावल जा सकेला। ई फोर्स अउरी रॉकिंग-मोमेंट दुनो वाइब्रेशन पैदा करेला।
तल (प्लेन)2 करेक्शन प्लेन
सेंसर2 वाइब्रेशन सेंसर + 1 टैकोमीटर
रोटर के आकारलंबा, L/D > 0.5
उदाहरणमोटर आर्मेचर, पंप शाफ्ट, पेपर रोल, कार्डन शाफ्ट
Balanset मोडF3 — टू-प्लेन
📊 सिंगल-प्लेन बनाम टू-प्लेन — निर्णय गाइड
मापदंडसिंगल-प्लेनटू-प्लेन
सुधारल गइल अनबैलेंस के प्रकारसिर्फ स्टैटिकस्टैटिक + कपल (डायनामिक)
रोटर के ज्यामितिL/D < 0.5 (डिस्क जइसन)L/D > 0.5 (लंबा)
रन के संख्या2 (शुरुआती + ट्रायल)3–4 (शुरुआती + 2 ट्रायल, चाहे क्रॉस-कपलिंग)
जरूरी सेंसर1 एक्सेलेरोमीटर + टैको2 एक्सेलेरोमीटर + टैको
बेयरिंग वाइब्रेशन पैटर्न1× प इन-फेजफेज़ बदलत रहेला (इन-फेज ना, 180° भी ना)
सामान्य रोटरपंखा इम्पेलर, पुली, ग्राइंडिंग व्हीलमोटर, पंप, रोल, टर्बाइन, शाफ्ट
ISO प्लेन सिफारिशISO 1940-1 §4.3 के मोताबिक संकीर्ण (नैरो) रोटरसगरी लंबवत रोटर खातिर मानक
Balanset-1A मोडF2F3

बैलेंसिंग प्रक्रिया

इन्फ्लुएंस कोएफिशिएंट (ट्रायल वेट) विधि — फील्ड आ शॉप बैलेंसिंग खातिर मानक तरीका

1
📊
प्रारंभिक मापन
मशीन के ऑपरेटिंग स्पीड पर चलाईं। हर बेयरिंग पर वाइब्रेशन एम्प्लीट्यूड (mm/s) आ फेज एंगल (°) मापीं। ई बा बेसलाइन — अनबैलेंस सिग्नेचर। Balanset-1A में रिकॉर्ड करीं।
2
⚖️
ट्रायल वेट लगाईं
मशीन के बंद करीं। करेक्शन प्लेन में एगो जानल-मानल एंगुलर पोजीशन पर एगो जानल-मानल ट्रायल वेट लगाईं। मास से एगो ध्यान देवे लायक बाकिर खतरनाक ना वाइब्रेशन में बदलाव आवे के चाहीं (शुरुआती के 10–30%)।
3
📈
ट्रायल रन
ओही स्पीड पर फेर से चलाईं। नया वाइब्रेशन एम्प्लीट्यूड आ फेज मापीं। ई वेक्टर अंतर — प्रारंभिक आ ट्रायल रन के बीच के — केवल ट्रायल वेट के कारण होला।
4
🧮
करेक्शन के गणना करीं
सॉफ्टवेयर गणना करेला प्रभाव गुणांक — ओह जगह पर प्रति यूनिट मास कतना वाइब्रेशन बदलाव होला। फेर मूल अनबैलेंस के रद्द करे खातिर सटीक करेक्शन मास (g) आ एंगल (°) के गणना करेला।
5
🔩
करेक्शन इंस्टॉल करीं
ट्रायल वेट हटाईं। तय एंगल पर गणना कइल स्थायी करेक्शन वेट लगाईं। टू-प्लेन खातिर: दूसरा प्लेन खातिर स्टेप 2–4 दोहराईं (Balanset-1A दुनो के एक साथ हल करेला)।
6
✅
सत्यापित करीं
टॉलरेंस के भीतर रेसिड्युअल वाइब्रेशन के पुष्टि खातिर फाइनल रन। मापल गइल रेसिड्युअल के ISO 1940-1 Uप्रति सीमा। Balanset-1A पास/फेल देखावेला आ बैलेंस रिपोर्ट तैयार करेला।

बैलेंस काहे करीं? — फायदा

रोटेटिंग मशीनरी में वाइब्रेशन के सबसे बड़ स्रोत अनबैलेंस बा। करेक्शन से मापनीय फायदा मिलेला।

⚙️
बेयरिंग लाइफ
अनबैलेंस फोर्स सीधे बेयरिंग पर जाला। 50% वाइब्रेशन घटला से → बेयरिंग के उमिर 8× ले बढ़ सकेला।
🛡️
विश्वसनीयता
कम वाइब्रेशन → सील, शाफ्ट, कपलिंग आ फाउंडेशन पर कम थकान। कम खराबी।
🔇
शोर
वाइब्रेशन शोर के मुख्य स्रोत ह। बैलेंस कइल मशीन काफी कम आवाज में चलेला।
⚡
ऊर्जा
वाइब्रेशन आ गर्मी में बर्बाद होखे वाली ऊर्जा उपयोगी काम में वापस मिल जाला। मापनीय दक्षता लाभ।
🛑
सुरक्षा
गंभीर अनबैलेंस से विनाशकारी विफलता हो सकेला। बैलेंसिंग वाइब्रेशन से होखे वाला दुर्घटना के रोकेला।

रोटर बैलेंसिंग का ह?

त्वरित जवाब

रोटर बैलेंसिंग घूमत शरीर के मास डिस्ट्रिब्यूशन के सुधारे के प्रक्रिया ह ताकि ओकर मास के केंद्र घूर्णन के ज्यामितीय अक्ष से मिल जाव। एहसे केन्द्रापसारी बल कम हो जाला, वाइब्रेशन घटेला, बेयरिंग लोड, शोर आ ऊर्जा खपत। करेक्शन खास जगह आ एंगल पर वजन जोड़के भा हटाइके कइल जाला, जेकर मार्गदर्शन वाइब्रेशन मापन आ फेज विश्लेषण से होला। स्वीकृति मानदंड के परिभाषा दिहल गइल बा ISO 1940-1 (ISO 21940-11) G-ग्रेड। दू प्रकार बाड़ें स्टैटिक (सिंगल-प्लेन) डिस्क नियर रोटर खातिर आ डायनामिक (टू-प्लेन) लंबवत रोटर खातिर।

अनबैलेंस रोटेटिंग मशीनरी में वाइब्रेशन के सबसे आम स्रोत ह। जब मास डिस्ट्रिब्यूशन अपूर्ण होला — मैन्युफैक्चरिंग टॉलरेंस, मैटेरियल के असमानता, जंग, जमाव, भा नुकसान के कारण — त केन्द्रापसारी बल पैदा होला जे स्पीड के वर्ग के साथ बढ़ेला। कम स्पीड पर छोट अनबैलेंस भी तेज स्पीड पर विनाशकारी हो सकेला।

बैलेंसिंग एकरा के बार-बार वाइब्रेशन रेस्पॉन्स मापके अउरी मास डिस्ट्रीब्यूशन के तब तक एडजस्ट करके हल करेला जब तक कि रेसिड्युअल अनबैलेंस टॉलरेंस के भीतर ना आ जाव। ई एगो मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस (शॉप बैलेंसिंग मशीन पर) अउरी एगो मेंटेनेंस प्रोसेस (लगावल इक्विपमेंट पर फील्ड बैलेंसिंग) दुनो बा।

इन्फ्लुएंस कोएफिशिएंट मेथड

आधुनिक बैलेंसिंग — समर्पित मशीन आ फील्ड दुनो पर — के उपयोग करेला इन्फ्लुएंस कोएफिशिएंट (ट्रायल वेट) मेथड. भौतिक सिद्धांत: अगर हमनी के पता होखे कि जानल-मानल पोजीशन पर एगो जानल-मानल मास वाइब्रेशन के कइसे बदलेला, त हमनी असली अनबैलेंस के रद्द करे खातिर जरूरी मास अउरी पोजीशन के हिसाब लगा सकेनी जा।

प्रभाव गुणांक
α = (Vtrial − Vप्रारंभिक) / T
α = इन्फ्लुएंस कोएफिशिएंट (प्रति यूनिट अनबैलेंस वाइब्रेशन) | V = वाइब्रेशन वेक्टर (एम्प्लीट्यूड∠फेज) | T = ट्रायल वेट वेक्टर (मास∠एंगल)
करेक्शन गणना
C = −Vप्रारंभिक / α
C = करेक्शन वेट वेक्टर (मास∠एंगल) — ऊ वेट जवन V के बराबर अउरी विपरीत वाइब्रेशन पैदा करेलाप्रारंभिक

टू-प्लेन बैलेंसिंग खातिर, सिस्टम 2×2 मैट्रिक्स बन जाला (प्लेन के बीच क्रॉस-कपलिंग खातिर चार इन्फ्लुएंस कोएफिशिएंट), बाकिर सिद्धांत ओही रहेला। ई Balanset-1A एकरा के अपने आप हल कर देला — ऑपरेटर के बस मशीन चलावे के आ ट्रायल वेट लगावे के होला।

ट्रायल वेट के चयन

ट्रायल वेट से वाइब्रेशन में साफ बदलाव आवे के चाहीं (आदर्श रूप से शुरुआती स्तर के 10–30%) बिना कवनो खतरनाक लोड बनवले। एगो उपयोगी शुरुआती अनुमान:

ट्रायल वेट के अनुमान
mtrial ≈ (10 × M) / (R × (n/1000)²)
m ग्राम में | M = रोटर मास (kg) | R = ट्रायल त्रिज्या (mm) | n = RPM — लगभग 10% G 6.3 अनबैलेंस खातिर सामान्य नियम

कब बैलेंस करीं — वाइब्रेशन सिग्नेचर

रउआ कइसे जानब कि वाइब्रेशन अनबैलेंस से हो रहल बा, ना कि मिसअलाइनमेंट, ढीलापन, भा बेयरिंग डिफेक्ट्स?

अनबैलेंस वाइब्रेशन सिग्नेचर

आवृत्ति: ठीक 1× RPM (रनिंग स्पीड) पर डॉमिनेंट पीक, में FFT स्पेक्ट्रम।

दिशा: मुख्य रूप से रेडियल (क्षैतिज आ लंबवत)। एक्सियल घटक कम होला।

फेज: 1× पर स्थिर, दोहरावे लायक फेज एंगल। फेज समय के साथ ड्रिफ्ट ना करे।

स्पीड पर निर्भरता: एम्प्लीट्यूड स्पीड के वर्ग के अनुसार बढ़ेला (ω² के समानुपाती)।

मिसअलाइनमेंट से तुलना: मिसअलाइनमेंट से महत्वपूर्ण 2× आ/भा एक्सियल 1× घटक पैदा होला। बेयरिंग दोष से नॉन-सिंक्रोनस फ्रीक्वेंसी पैदा होला।

बैलेंस करे से पहिले, हमेशा निदान के पुष्टि करीं। ई Balanset-1A स्पेक्ट्रम एनालाइजर (F1 मोड) पूरा FFT स्पेक्ट्रम देखावेला, जेकरा से बैलेंस करे से पहिले ई पुष्टि हो जाला कि 1× हावी बा।

सुधार के तरीका

मास जोड़ल

  • क्लिप-ऑन वेट: स्प्रिंग-क्लिप जिंक भा स्टील वेट। पंखा, पहिया खातिर आम। तेज, अस्थायी।
  • बोल्ट-ऑन वेट: टैप्ड होल भा T-स्लॉट में बोल्ट से सुरक्षित सटीक वेट। बड़ रोटर, टर्बाइन खातिर मानक।
  • वेल्ड-ऑन वेट: रोटर पर टैक-वेल्ड कइल स्टील प्लेट भा रॉड। स्थायी। भारी औद्योगिक पंखा आ क्रशर रोटर खातिर आम।
  • एपॉक्सी/पुट्टी: मेटल फिलर वाला टू-पार्ट एडहेसिव। अनियमित सतह खातिर बढ़िया। मध्यम तापमान तक सीमित।
  • सेट स्क्रू: रेडियल होल में पेंच कइल जाला। कपलिंग हब आ स्पिंडल पर आम। समायोज्य।

मास हटावल

  • ड्रिलिंग: भारी स्पॉट से मैटेरियल हटाईं। हटावल मास के सटीक नियंत्रण (मास = घनत्व × आयतन)। अपरिवर्तनीय।
  • मिलिंग/ग्राइंडिंग: रिम भा फेस से मैटेरियल हटाईं। टर्बाइन व्हील, ब्रेक रोटर पर आम।

भार विभाजन

जब सटीक गणना कइल गइल कोण पहुँच लायक स्थिति सभ के बीच में पड़े (जइसे, कपलिंग पर बोल्ट होल सभ के बीच), त करेक्शन के दुनों नजदीकी स्थिति सभ में वेक्टर डीकंपोजिशन के इस्तेमाल से बाँट दिहल जाला। ई Balanset-1A में एगो ऑटोमैटिक वेट-स्प्लिटिंग कैलकुलेटर शामिल बा।

फील्ड बैलेंसिंग (इन-सीटू)

फील्ड बैलेंसिंग के मतलब बा रोटर के बैलेंस करल मशीन से हटवले बिना। एहसे डिसअसेंबली के डाउनटाइम खतम हो जाला आ असली संचालन परिस्थिति (अलाइनमेंट, बेयरिंग प्रीलोड, फाउंडेशन प्रभाव) के ध्यान में राखल जाला जेकरा के शॉप बैलेंसिंग दोहरा ना सकेला।

Balanset-1A फील्ड बैलेंसिंग किट

Balanset-1A एगो पूरा पोर्टेबल फील्ड बैलेंसिंग सिस्टम बा: 2-चैनल वाइब्रेशन एनालाइजर, लेजर टैकोमीटर, बिल्ट-इन ISO 1940 टॉलरेंस कैलकुलेटर, सिंगल-प्लेन (F2) अउरी टू-प्लेन (F3) बैलेंसिंग मोड, ऑटोमैटिक वेट स्प्लिटिंग, अउरी फॉर्मल बैलेंस रिपोर्ट जेनरेशन (F6)। मापन सटीकता: ±5% वेलोसिटी, ±1° फेज। G 16 से G 2.5 तक खातिर उपयुक्त बा।

Balanset-4 जटिल मल्टी-बेयरिंग रोटर भा एक्के समय कई मशीन सभ के निगरानी खातिर 4 चैनल तक बढ़ जाला।

फील्ड बैलेंसिंग के फायदा

  • बिना अलग कइले: बड़ मशीन सभ खातिर घंटा भा दिन के डाउनटाइम बचावेला।
  • असली संचालन परिस्थिति: एह में अलाइनमेंट, बेयरिंग प्रीलोड, थर्मल स्थिति, फाउंडेशन प्रभाव शामिल बा।
  • ट्रिम बैलेंसिंग: असेंबली से पैदा भइल अनबैलेंस के ठीक करेला जेकरा के शॉप बैलेंसिंग ठीक ना क सकेला।
  • मेंटेनेंस के बाद पुष्टि: इंपेलर बदलला, कपलिंग बदलला, भा बेयरिंग ओवरहॉल के बाद तेज जाँच।

मानक आ सहनशीलता

बैलेंसिंग "जतना संभव होखे उतना बढ़िया" ना ह — ई "टॉलरेंस के भीतर" ह। टॉलरेंस के परिभाषा अंतरराष्ट्रीय स्टैंडर्ड से होला:

📏 प्रमुख बैलेंसिंग मानक
मानकविषयमुख्य सामग्री
ISO 1940-1 / ISO 21940-11बैलेंस क्वालिटी ग्रेड (G-ग्रेड)G 0.4–G 4000 स्केल। फॉर्मूला: Uप्रति = (9 549×G×M)/n। G 6.3 = पंखा, पंप, मोटर खातिर मानक।
ISO 1940-2 / ISO 21940-2शब्द-भंडारपरिभाषा: अनबैलेंस के प्रकार, रोटर वर्गीकरण, मशीन के प्रकार, क्वालिटी के शब्द।
ISO 14694औद्योगिक पंखाBV फैन-एप्लीकेशन कैटेगरी, बैलेंस ग्रेड अउरी औद्योगिक पंखा खातिर खास वाइब्रेशन-लिमिट गाइडेंस।
ISO 10816 / ISO 20816मशीन कंपन मूल्यांकनपरिचालन परिणाम के बैलेंस क्वालिटी मापल जाला। जोन A/B/C/D वर्गीकरण।
ISO 21940-12लचीला रोटरपहिला बेंडिंग क्रिटिकल स्पीड से ऊपर के रोटर खातिर मल्टी-स्पीड, मल्टी-प्लेन प्रक्रिया।
ISO 21940-14बैलेंसिंग प्रक्रियाकई प्लेन में बैलेंसिंग खातिर सामान्य प्रक्रिया।
API 610 / API 617पेट्रोलियम पंप / कंप्रेसररोटर बैलेंस के जरूरत खातिर ISO 1940 G-ग्रेड देखीं।
ISO 1940-1 टॉलरेंस फॉर्मूला
Uप्रति = (9 549 × G × M) / n
Uप्रति = स्वीकार्य अवशिष्ट अनबैलेंस (g·mm) | G = ग्रेड (mm/s) | M = द्रव्यमान (kg) | n = अधिकतम RPM

हल कइल गइल उदाहरण

केस 1: सेंट्रीफ्यूगल पंखा — सिंगल-प्लेन फील्ड बैलेंसिंग

मशीन: 22 kW सेंट्रीफ्यूगल सप्लाई पंखा, 1 460 RPM, इम्पेलर द्रव्यमान 38 kg। अत्यधिक कंपन: ड्राइव-एंड बेयरिंग पर 8.2 mm/s RMS। FFT स्थिर फेज के साथ प्रमुख 1× पीक के पुष्टि करेला।

सेटअप: Balanset-1A सेंसर DE बेयरिंग पर, लेजर टैकोमीटर शाफ्ट पर। मोड F2 (सिंगल-प्लेन — L/D < 0.4)।

चरण 1: पहिला रन: 47° पर 8.2 mm/s।

चरण 2: ट्रायल वजन: पंखा हब पर 0° पर 15 g, R = 200 mm।

चरण 3: ट्रायल रन: 112° पर 5.9 mm/s।

चरण 4: सॉफ्टवेयर गणना करेला: करेक्शन = 198° पर 22 g, R = 200 mm।

चरण 5: 198° पर 22 g वेल्ड-ऑन वजन लगाईं। ट्रायल वजन हटाईं।

चरण 6: सत्यापन: 0.9 mm/s। ISO टॉलरेंस G 6.3 → Uप्रति = 1 570 g·mm। हासिल: ~180 g·mm। ✅ पास।

केस 2: मोटर-पंप असेंबली — टू-प्लेन

मशीन: 45 kW मोटर + सेंट्रीफ्यूगल पंप, 2 950 RPM, रोटर द्रव्यमान 55 kg। कंपन: DE बेयरिंग 6.1 mm/s, NDE बेयरिंग 4.8 mm/s। फेज अंतर ~140° → डायनामिक अनबैलेंस।

सेटअप: Balanset-1A दू सेंसर (DE + NDE), मोड F3। करेक्शन प्लेन: कपलिंग हब (प्लेन 1) आ मोटर फैन एंड (प्लेन 2)।

रन: पहिला → ट्रायल प्लेन 1 (0° पर 10 g) → ट्रायल प्लेन 2 (0° पर 8 g)।

नतीजा: सॉफ्टवेयर 2×2 मैट्रिक्स हल करेला। करेक्शन: प्लेन 1 = 245° पर 18 g, प्लेन 2 = 68° पर 12 g.

सत्यापन: DE: 0.7 mm/s, NDE: 0.5 mm/s। G 6.3 सीमा: 1 122 g·mm। ✅ दुनो प्लेन टॉलरेंस के भीतर बा।

केस 3: क्रशर रोटर — कोर्स G 16

मशीन: हैमर मिल क्रशर, 980 RPM, रोटर द्रव्यमान 420 kg। हैमर बदलले के बाद, कंपन बढ़ के 14.5 mm/s हो गइल।

विशेषता: G 16 (भारी-ड्यूटी, कठिन परिस्थिति)। Uप्रति = 9 549 × 16 × 420 / 980 = 65 500 g·mm.

प्रक्रिया: सिंगल-प्लेन (डिस्क-सन जैसन रोटर)। रिम पर 0° पर 150 g के ट्रायल। करेक्शन: 315° पर 280 g। स्टील प्लेट वेल्ड कइल गइल।

नतीजा: 2.8 mm/s। अवशिष्ट ~5 600 g·mm। ✅ G 16 सीमा से बहुत भीतर।

  • ISO 1940-1: G-ग्रेड सहनशीलता प्रणाली — बैलेंसिंग परिणाम खातिर स्वीकृति मापदंड।
  • ISO 1940-2: शब्दावली — सगरी बैलेंसिंग शब्दन के परिभाषा।
  • संतुलन गुणवत्ता ग्रेड: इंटरैक्टिव G-ग्रेड कैलकुलेटर।
  • अनबैलेंस: भौतिक स्थिति जेकरा बैलेंसिंग सुधारेला।
  • ISO 14694: फैन-स्पेसिफिक BV कैटेगरी अउरी वाइब्रेशन लिमिट।
  • हार्मोनिक्स: 1× (अनबैलेंस) के 2× (मिसअलाइनमेंट) आ अन्य ऑर्डर से अलग पहचानल।
  • प्राकृतिक आवृत्ति: रिजिड/फ्लेक्सिबल रोटर सीमा — बैलेंसिंग तरीका खातिर महत्वपूर्ण।

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अक्सर पूछल जाए वाला सवाल — रोटर बैलेंसिंग

प्रक्रिया, प्रकार, निदान, आ मानक

▸ रोटर बैलेंसिंग का ह?
घूमत वस्तु के मास वितरण सुधारे के प्रक्रिया ताकि ओकर द्रव्यमान केंद्र ज्यामितीय घूर्णन अक्ष से मेल खाए। सेंट्रीफ्यूगल बल के कम करेला → कंपन, बेयरिंग लोड, शोर, ऊर्जा हानि घटावेला। करेक्शन: निश्चित स्थान/कोण पर वजन जोड़ल/हटावल। स्वीकृति: ISO 1940-1 G-ग्रेड।
▸ स्टैटिक बनाम डायनामिक बैलेंसिंग?
स्टैटिक (1-प्लेन): विस्थापित CoM (द्रव्यमान केंद्र) के सुधारेला — एगो भारी स्थान — डिस्क-सन रोटर (L/D < 0.5)। डायनामिक (2-प्लेन): बल + कपल दुनों के सुधारेला — सामान्य मामला — लंबवत रोटर। ज्यादातर असली मशीन के डायनामिक के जरूरत होला। शक होखे त 2-प्लेन इस्तेमाल करीं।
▸ ट्रायल वेट विधि कईसे काम करेला?
शुरुआती कंपन नापीं → ज्ञात ट्रायल वेट लगाईं → फिर से नापीं → वेक्टर अंतर = ट्रायल के प्रभाव। सॉफ्टवेयर इन्फ्लुएंस कोएफिशिएंट के गणना करेला, फिर मूल अनबैलेंस के खत्म करे खातिर सटीक करेक्शन मास आ कोण तय करेला। ट्रायल हटाईं, करेक्शन लगाईं, सत्यापन करीं। Balanset-1A गणना के स्वचालित बनावेला।
▸ सिंगल-प्लेन कि टू-प्लेन?
सिंगल-प्लेन: फैन इम्पेलर, पुली, ग्राइंडिंग व्हील, फ्लाईव्हील (L/D < 0.5)। टू-प्लेन: मोटर, शाफ्ट, पंप, रोल, टर्बाइन (L/D > 0.5)। Balanset-1A: F2 = सिंगल, F3 = टू-प्लेन। जदि बेयरिंग 1× पर आउट ऑफ फेज कंपन करत बा, त कपल अनबैलेंस मौजूद बा → टू-प्लेन के जरूरत बा।
▸ सहनशीलता खातिर कवन ISO मानक बा?
ISO 21940-11 (ISO 1940-1): G-ग्रेड प्रणाली। G 6.3 = फैन/पंप/मोटर खातिर मानक। G 2.5 = टर्बाइन/कंप्रेसर खातिर। Uप्रति = (9 549 × G × M) / n. ISO 14694 फैन-विशिष्ट BV श्रेणी तक विस्तारित बा। ISO 10816 संचालन में कंपन के मूल्यांकन करेला।
▸ का हम रोटर हटवले बिना इन-सीटू बैलेंस कर सकीलें?
हँ — फील्ड बैलेंसिंग। एगो पोर्टेबल Balanset-1A इंस्टॉल कइल मशीन पर कंपन सेंसर + टैकोमीटर के इस्तेमाल करेला। ट्रायल-वेट विधि समर्पित बैलेंसिंग मशीन के बिना करेक्शन तय करेला। डिसअसेंबली के घंटन बचावेला। वास्तविक संचालन स्थिति (एलाइनमेंट, तापमान, फाउंडेशन) के ध्यान में रखेला।
▸ आम करेक्शन विधि कवन-कवन बा?
जोड़ल: क्लिप-ऑन, बोल्ट-ऑन, वेल्ड-ऑन वजन; एपॉक्सी/पुट्टी; सेट स्क्रू। हटावल: ड्रिलिंग, मिलिंग, ग्राइंडिंग। चयन रोटर के डिजाइन, तापमान, आ स्थायित्व के जरूरत पर निर्भर करेला। वेट स्प्लिटिंग सही कोण अवरुद्ध होखला पर सुधार के लगल-सटल सुलभ स्थिति सभ के बीच बाँट देला।
▸ हमरा कइसे पता चली कि ई अनबैलेंस बा, मिसअलाइनमेंट ना?
असंतुलन: प्रमुख 1× पीक, रेडियल, स्थिर फेज, आयाम ∝ गति². मिसअलाइनमेंट: महत्वपूर्ण 2× आ/या अक्षीय 1×, बेयरिंग सभ के बीच फेज संबंध, आयाम गति पर कम निर्भर। बैलेंसिंग से पहिले पुष्टि करे खातिर Balanset-1A स्पेक्ट्रम एनालाइजर (F1) के इस्तेमाल करीं।

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श्रेणी सभ: शब्दावलीISO मानक

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