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ट्रबलशूटिंग

बैलेंसिंग से वाइब्रेशन काहे ना कम होला: 8 कारण आ हर एक के ठीक करे के तरीका

तू प्रक्रिया चलवलू, करेक्शन वेट लगवलू, आ वाइब्रेशन पहिले जइसन बा। भा एकरा से भी खराब। इंस्ट्रूमेंट खराब नइखे — समस्या कुछ अइसन ह जेकरा खातिर बैलेंसिंग कबो डिजाइन ना कइल गइल रहे। ऊ 'कुछ' का ह, ई कइसे पता लगावल जाला, इहाँ बतावल गइल बा।

अपडेट कइल गइल 13 मिनट के पढ़ाई

मूल समस्या: बैलेंसिंग सिर्फ एगो चीज ठीक करेला

बैलेंसिंग घूमे वाला पुरजा में मास असमानता के ठीक करेला। बस एतने। रोटर के मास सेंटर एकर रोटेशन एक्सिस से मेल ना खाला, एहसे हर घुमाव पर सेंट्रीफ्यूगल फोर्स पैदा होला जवन मशीन के हिलावेला। करेक्शन वेट मास सेंटर के वापस एक्सिस पर ले आवेला। वाइब्रेशन कम हो जाला।

बाकिर घूमे वाला मशीनरी में वाइब्रेशन के कम से कम आठ गो आम स्रोत होला। अनबैलेंस इनमें से सिर्फ एगो ह। बाकी — रेजोनेंस, लूजनेस, मिसअलाइनमेंट, मुड़ल शाफ्ट, गंदा रोटर, थर्मल डिस्टॉर्शन, आ प्रक्रियागत गलती — अइसन वाइब्रेशन पैदा करेला जे देखाई देला बहुते तरीका से अनबैलेंस जइसन: ई सिंक्रोनस (1× RPM) होला, ई पीरियोडिक होला, आ ई मशीन के रेडियल दिशा में हिलावेला। सबसे निराश करे वाली बात ई ह कि लूजनेस भा रेजोनेंस से पीड़ित मशीन में करेक्शन वेट जोड़ला से न खाली नाकामी मिलेला — बलुक चीज आउर खराब हो सकेला।

Balanset-1A एगो बैलेंसर ह, बाकिर ई एगो वाइब्रेशन एनालाइजर भी ह जेह में FFT स्पेक्ट्रम एनालिसिस आ वाइब्रोमीटर मोड बा। ई डायग्नोस्टिक टूल सभ, तू असल में आठ कारण में से कवन से जूझत बाड़ो, ओकरा पहचाने के चाबी ह — ट्रायल वेट पर समय बर्बाद करे से पहिले।

"नकली अनबैलेंस" — 5 गो खराबी जवन एकर नकल करेला

खराबी #1

अनुनाद

FFT: प्रमुख 1×, अस्थिर फेज (±10–20°)

ऑपरेटिंग स्पीड संरचना के प्राकृतिक फ्रीक्वेंसी से मेल खाला। एगो छोट अनबैलेंस फोर्स कई गुना बढ़ जाला। स्थिर RPM पर भी फेज एंगल में बदलाव होखेला — इहे डायग्नोस्टिक संकेत बा। Balanset-1A एगो स्थिर करेक्शन एंगल के गणना ना कर पावेला काहे कि एंगल लगातार बदलत रहेला।

खराबी #2

यांत्रिक ढीलापन

FFT: 2×, 3×, 4×, सब-हार्मोनिक्स (0.5×, 1.5×)

ढीला बोल्ट, सॉफ्ट फुट, टूटल बेसप्लेट, घिसल बेयरिंग सीट। मशीन के रिस्पॉन्स नॉनलाइनियर हो जाला — जब रउआ ट्रायल वेट जोड़त बानी, तब सिस्टम गणित के उम्मीद से अलग तरीका से "मूव" करेला। इन्फ्लुएंस कोएफिशिएंट गलत हो जाला, एहसे करेक्शन भी गलत हो जाला।

खराबी #3

मिसअलाइनमेंट

FFT: मजबूत 2× + बढ़ल एक्सियल (रेडियल के 50% से अधिक)

ड्राइवर आ ड्रिवेन शाफ्ट के बीच एंगुलर भा ऑफसेट मिसअलाइनमेंट। ई अइसन फोर्स बनावेला जे अनबैलेंस जइसन लागेला बाकिर ओमे मजबूत 2× कंपोनेंट रहेला। अगर एक्सियल वाइब्रेशन रेडियल के लगभग 50% से जादे हो जाला, त बैलेंसिंग करे से पहिले मिसअलाइनमेंट के शक करीं।

खराबी #4

मुड़ल शाफ्ट

FFT: मजबूत 1× + 2×, ट्रायल वेट पर कवनो रिस्पॉन्स ना देला

ज्यामितीय (geometric) एक्सेंट्रिसिटी जे साधारण मास असममिति (mass asymmetry) जइसन बर्ताव ना करेला। रउआ भारी वेट से एगो स्पीड पर वाइब्रेशन घटा सकत बानी, बाकिर दोसरा स्पीड पर वाइब्रेशन आउर खराब हो जाला आ शाफ्ट स्ट्रेस बढ़ जाला। डायल इंडिकेटर से रनआउट चेक करीं — अगर ई 0.03–0.05 mm से जादे बा, त सीधा करीं भा बदल दीं।

खराबी #5

बेयरिंग दोष

FFT: हाई-फ्रीक्वेंसी पीक (बेयरिंग डिफेक्ट फ्रीक्वेंसी)

क्षतिग्रस्त रोलिंग एलिमेंट, गड्ढा वाला रेस, भा ढीला आउटर रिंग। ई खास बेयरिंग डिफेक्ट फ्रीक्वेंसी पर वाइब्रेशन बनावेला जे शाफ्ट स्पीड के हार्मोनिक्स ना होला। बैलेंसिंग के कवनो असर ना पड़ेला। Balanset-1A स्पेक्ट्रम में ई सामान्य 1×–4× रेंज से ऊपर पीक के रूप में देखाई देला।

सबसे महंगा गलती

जवन टेक्निशियन ढीला मशीन में लगातार ट्रायल वेट जोड़त रहेला, ऊ सबसे जादे नुकसान करेला। हर बेर के प्रयास से रिस्पॉन्स अप्रत्याशित रूप से बदलेला। तीन-चार बेर असफल प्रयास के बाद, पिछला रन के करेक्शन वेट रैंडम पोजीशन में वेल्ड हो के रह जाला, जेसे आगे के बैलेंसिंग आउर मुश्किल हो जाला। नियम: जदि पहिला ट्रायल वेट साफ, दोहराए लायक बदलाव (एम्प्लीट्यूड भा फेज में ≥20%) पैदा ना करे, त रुक जाईं। जादा धातु जोड़े से पहिले निदान करीं।

रेजोनेंस: ओह जाल जवना में हर कोई कम से कम एक बेर फंसेला

रेजोनेंस के लगे, अनबैलेंस फोर्स आ वाइब्रेशन रिस्पॉन्स के बीच फेज एंगल छोट-छोट स्पीड बदलाव से तेजी से बदल जाला। अगर मशीन 1,480 RPM पर चलत बा आ संरचना के प्राकृतिक फ्रीक्वेंसी 1,500 RPM पर बा, त 1% स्पीड ड्रिफ्ट से फेज 30–40° तक बदल सकेला। बैलेंसिंग सॉफ्टवेयर हर रन में अलग एंगल देखेला आ हर बेर अलग करेक्शन के गणना करेला।

डायग्नोस्टिक टेस्ट सरल बा: Balanset-1A के वाइब्रोमीटर मोड में, स्पीड के स्थिर राखीं आ फेज के देखीं। अगर RPM स्थिर रहला के बावजूद ई 10–20° से जादे इधर-उधर होखेला, त रउआ रेजोनेंस के लगे बानी। एकर समाधान आउर ट्रायल वेट ना बा — बलुक ऑपरेटिंग स्पीड बदलल (अलग RPM पर चलावल) भा संरचना के स्टिफनेस भा मास में बदलाव क के प्राकृतिक फ्रीक्वेंसी के रनिंग स्पीड से दूर कइल जरूरी बा।

लूजनेस: ऊ खराबी जे गणित के बिगाड़ देला

बैलेंसिंग के गणित रैखिक बीजगणित (linear algebra) पर आधारित बा। ई मान के चलेला कि अनबैलेंस फोर्स दुगुना करे से वाइब्रेशन रिस्पॉन्स भी दुगुना हो जाई। लूजनेस एह धारणा के तोड़ देला। एगो ढीला बेयरिंग पेडेस्टल एगो दिशा में कड़ा हो सकेला बाकिर दोसरा दिशा में ढीला। सॉफ्ट फुट कुछ खास वाइब्रेशन एम्प्लीट्यूड पर मशीन के एगो माउंट से ऊपर उठा देला, जेसे मध्य-चक्र में प्रभावी स्टिफनेस बदल जाला।

कवनो मशीन के बैलेंस करे से पहिले, चेक करीं: सभे एंकर बोल्ट सही टॉर्क पर कसल बा, कवनो सॉफ्ट फुट नइखे (हर पैर के नीचे फीलर गेज से चेक करीं), बेसप्लेट में कवनो दरार नइखे, बेयरिंग पेडेस्टल में कवनो प्ले नइखे। अगर Balanset-1A स्पेक्ट्रम में साफ 1× पीक के बजाय हार्मोनिक्स के "जंगल" देखाई दे, त पहिले संरचना के ठीक करीं।

मिसअलाइनमेंट: 2× के पहचान

कपलिंग मिसअलाइनमेंट मुख्य रूप से 2× RPM पर (आ कबो-कबो 3× पर भी) फोर्स पैदा करेला। अगर Balanset-1A के FFT में मजबूत 2× कंपोनेंट देखाई दे — खासकर उच्च एक्सियल वाइब्रेशन के साथ — त समस्या अलाइनमेंट के बा, बैलेंस के ना। पहिले शाफ्ट के लेजर-अलाइन करीं। ओकरा बाद चेक करीं कि बैलेंसिंग अबहूँ जरूरी बा कि ना। अक्सर एकर जरूरत ना रहेला।

रोटर के हालत: गंदा इम्पेलर आ मुड़ल शाफ्ट

गंदा रोटर के समस्या

धूल, प्रोडक्ट के जमाव, कैल्शियम जमाव, जंग (corrosion) — इनमे से कवनो भी फैन ब्लेड, पंप इम्पेलर, भा सेंट्रीफ्यूज रोटर पर होखे से असमान मास डिस्ट्रीब्यूशन हो जाला। मशीन वाइब्रेट करेला। मन करेला कि एकरा "जइसन बा ओइसन" बैलेंस क के फेर से प्रोडक्शन में लगा दिहल जाव।

अइसन मत करीं। Balanset-1A गंदा रोटर खातिर भी एगो करेक्शन सॉल्यूशन दे देई। ओकरा ना पता चलेला कि रोटर गंदा बा — ई सिर्फ वाइब्रेशन नापेला आ गणना करेला। बाकिर ऑपरेशन के दौरान ऊ जमाव उखड़ के गिर जाला। गरम गैस प्रोसेस करे वाला फैन में, शनिचर के रात 2 बजे स्केल के एगो टुकड़ा गिर जाला। अब रोटर तुरंत अनबैलेंस हो जाला — बलुक आउर खराब, काहे कि रउआ के करेक्शन वेट ओह गंदगी के भरपाई करत रहे जवन अभी-अभी गिरल बा। अब ऊ वेट खुद अनबैलेंस के स्रोत बन जाला।

सफाई के बाद के जाल

अगर रउआ गंदा रोटर के बैलेंस कइनी आ ओकरा बाद साफ कइनी — त वाइब्रेशन फेर से लौट आई। रउआ जवन मास के भरपाई कइनी ओकरा हटा दिहनी, बाकिर करेक्शन वेट रह गइल। समाधान: सभे पुरान करेक्शन वेट हटाईं, रोटर के अच्छा से साफ करीं, फेर शुरू से बैलेंस करीं। सफाई के स्टेप जीरो मानीं, बाद के काम ना।

मुड़ल शाफ्ट: काहे एगो स्पीड पर भारी वेट से फायदा ना होला

मुड़ल शाफ्ट से एक्सेंट्रिसिटी बन जाला — ज्यामितीय केंद्र, घूर्णन केंद्र से मेल ना खाला। ई 1× RPM पर अनबैलेंस जइसन लागेला। मुख्य अंतर ई बा: मुड़ल शाफ्ट अइसन वाइब्रेशन पैदा करेला जे स्पीड पर एह तरह निर्भर होला जइसन साधारण अनबैलेंस ना होला। रउआ कबो-कबो एगो खास स्पीड पर बड़हन करेक्शन वेट से वाइब्रेशन घटा सकत बानी, बाकिर दोसरा कवनो स्पीड पर वाइब्रेशन आउर खराब हो जाला। आ शाफ्ट स्ट्रेस बढ़ जाला, जेसे बेयरिंग आ कपलिंग के लाइफ कम हो जाला।

एकर सत्यापन (verification) यांत्रिक होला: शाफ्ट के हाथ से धीरे-धीरे घुमावत घरी डायल इंडिकेटर से रनआउट नापीं। अगर टोटल इंडिकेटेड रनआउट (TIR) मशीन के टॉलरेंस से जादे बा — आमतौर पर प्रिसीजन रोटर खातिर 0.02–0.05 mm, भारी औद्योगिक खातिर 0.1 mm तक — त शाफ्ट के सीधा करे भा बदले के पड़ी। बैलेंसिंग से ज्यामिति (geometry) ठीक ना हो सकेला।

प्रक्रियागत गलती: ट्रायल वेट, एंगल, आ तापमान

कबो-कबो मशीन ठीक रहेला आ गलती प्रक्रिया में होला। इहे गलती टेक्निशियन के अइसन सोचावेला कि "इंस्ट्रूमेंट खराब बा" जबकि असल में इनपुट डेटा गलत होला।

ट्रायल वेट बहुत छोट

Balanset-1A सिस्टम के एगो जाने-मानल ट्रायल वेट पर रिस्पॉन्स नापके सीखेला। अगर ट्रायल वेट बहुत छोट बा, त एम्प्लीट्यूड आ फेज में बदलाव मापन शोर (measurement noise) में दब जाला। सॉफ्टवेयर शोर से इन्फ्लुएंस कोएफिशिएंट के गणना करेला, आ नतीजा में मिलल करेक्शन लगभग रैंडम हो जाला।

लक्ष्य: ट्रायल वेट के एम्प्लीट्यूड भा फेज कम से कम 20–30% बदले के चाहीं। जदि रउआ 10 g जोड़ीं आ रीडिंग मुश्किल से हिले, त 20 g भा 30 g आजमाईं। सावधानी से शुरू करीं, बाकी जरूरत पड़ला पर बड़ जाए से मत डेराईं। गणित के साफ सिग्नल चाहीं।

एंगल मापन में गलती

बैलेंसिंग वेक्टर गणित बा। सही एंगल पर 10 g वेट अनबैलेंस के खत्म क देला। सही एंगल से 180° पर वइसने 10 g वेट दुगुना क देला अनबैलेंस के। एकर दू आम कारण होला: जब सॉफ्टवेयर घूर्णन दिशा के साथ एंगल के उम्मीद करेला त ओकरा उल्टा दिशा में नाप लिहल (भा एकर उल्टा), आ रन के बीच में टैकोमीटर भा रिफ्लेक्टिव मार्क के हिला दिहल, जेसे जीरो रेफरेंस बदल जाला।

ई दुनो साइलेंट किलर होला — सॉफ्टवेयर एगो भरोसेमंद करेक्शन देखावेला, रउआ ओकरा इंस्टॉल करीं, आ वाइब्रेशन बढ़ जाला। अगर गणना कइल करेक्शन इंस्टॉल करे के बाद वाइब्रेशन बढ़ल बा, त सबसे पहिले चेक करीं कि एंगल सही दिशा में नापल गइल रहे कि ना।

थर्मल डिस्टॉर्शन: "सबेरे त ठीक रहे" वाला समस्या

20°C वाइंडिंग तापमान पर बैलेंस कइल मोटर 80°C पर बहुत खराब तरीका से वाइब्रेट कर सकेला। 200–400°C के प्रोसेस गैस संभाले वाला हॉट-गैस फैन में थर्मल बो (thermal bow) बन जाला — तापमान बढ़े से शाफ्ट भा इम्पेलर थोड़ा मुड़ जाला, जेसे मास डिस्ट्रीब्यूशन बदल जाला। ठंडा रहत घरी हासिल कइल बैलेंस गरम होखला पर खतम हो जाला।

समाधान: फाइनल ट्रिम बैलेंस रन से पहिले मशीन के थर्मल स्थिर अवस्था (पूरा ऑपरेटिंग तापमान, स्थिर स्थिति) तक चलाईं। गरम चले वाला मशीन के "गरम" अवस्था में बैलेंस करीं। अगर मशीन में ठंडा से गरम तक वाइब्रेशन में बड़हन बदलाव होखेला, त दुनो स्थिति के दस्तावेज बनाईं — कुछ ग्राहक ई जानत घरी जादे कोल्ड-स्टार्ट वाइब्रेशन स्वीकार क लेवेला कि मशीन गरम होखला पर ई घट जाई।

पहिले डायग्नोसिस करीं। फेर बैलेंस करीं।

Balanset-1A में FFT स्पेक्ट्रम एनालिसिस + वाइब्रोमीटर मोड + 1/2-प्लेन बैलेंसिंग सामिल बा। डायग्नोसिस आ करेक्शन खातिर एक्के डिवाइस। अलग से एनालाइजर के जरूरत नइखे।

निर्णय तालिका: स्पेक्ट्रम तोहरा का बतावेला?

Balanset-1A के FFT स्पेक्ट्रम मोड में खोलीं। पीक के देखीं। पैटर्न के खराबी से मिलाईं।

स्पेक्ट्रम पैटर्नफेज बर्तावसबसे संभावित खराबीकार्रवाई
साफ 1× पीक, कवनो आउर हार्मोनिक्स नास्थिरअनबैलेंसबैलेंसिंग जारी राखीं
तेज 1×, स्थिर RPM पर फेज ±10–20° तक बहत बाअस्थिरअनुनादस्पीड बदलीं भा संरचना में बदलाव करीं
कई हार्मोनिक्स: 2×, 3×, 4×, सब-हार्मोनिक्सअनियमितयांत्रिक ढीलापनकस दीं, सॉफ्ट फुट ठीक करीं, बेस के जाँच करीं
तेज 2× + बढ़ल एक्सियल वाइब्रेशनस्थिरमिसअलाइनमेंटशाफ्ट के लेजर-अलाइन करीं
तेज 1× + 2×, ट्रायल वेट के कवनो साफ असर नइखेस्थिरमुड़ल शाफ्टरनआउट जाँचीं, सीधा करीं/बदलीं
हाई-फ्रीक्वेंसी पीक (शाफ्ट स्पीड के हार्मोनिक ना)N/Aबियरिंग दोषबेयरिंग बदलीं
1× पीक जे वार्म-अप के बाद खिसक जालातापमान के साथ खिसकलथर्मल विकृतिऑपरेटिंग तापमान पर बैलेंस करीं
1× बा बाकिर करेक्शन से ई अउरी खराब हो जालास्थिरएंगल में गलतीघूमे के दिशा आ रेफरेंस के जाँच करीं
5-मिनट के डायग्नोस्टिक नियम

कवनो बैलेंसिंग के काम शुरू करे से पहिले, FFT स्पेक्ट्रम मोड में 5 मिनट बिताईं। अगर स्पेक्ट्रम में स्थिर फेज के साथे साफ 1× पीक देखाई देला — त आगे बढ़ीं। अगर कुछु आउर देखाई देला — त पहिले डायग्नोसिस करीं। ई एगो आदत बहुते फेल बैलेंसिंग कोशिश के रोक देला। पाँच मिनट के स्पेक्ट्रम एनालिसिस एक घंटा के बेकार ट्रायल वेट रन बचावेला।

फील्ड रिपोर्ट: ऊ फैन जवन बार-बार वापस आवत रहे

एगो अनाज प्रोसेसिंग प्लांट से एगो बड़हन इंड्यूस्ड-ड्राफ्ट फैन, 45 kW, 1,470 RPM पर चले वाला के बारे में फोन आइल। ऊ लोग एकरा के छह महीना में तीन बेर बैलेंस करवले रहे। हर बेर: वाइब्रेशन लगभग 2 mm/s ले गिर जात रहे, आ 3–4 हफ्ता के भीतर ई फेरु 8 mm/s से ऊपर चढ़ जात रहे। पहिले वाला टेक्नीशियन हर बेर बैलेंस के बाद करेक्शन वेट वेल्ड कर देत रहलें — तीन अलग-अलग विजिट से तीन सेट, सब अबहियों इंपेलर पर लागल रहे।

सबसे पहिले हम Balanset-1A के स्पेक्ट्रम मोड में चलवनी। FFT में 24.5 Hz (शाफ्ट स्पीड) पर साफ 1× पीक देखाई दिहलस — त ई अनबैलेंस लागत रहे। फेज स्थिर रहे। कवनो ढिलाई ना रहे। मिसअलाइनमेंट के कवनो निशान ना रहे। ई हिस्सा सही निकलल।

फेर हम इंपेलर के देखनी। भारी अनाज के धूल के परत, 3–5 mm मोट, असमान रूप से फइलल। पहिले वाला टेक्नीशियन हर बेर धूल के खिलाफ बैलेंस करत रहलें। धूल जमा होत रहे, खिसकत रहे, कुछ हिस्सा गिर जात रहे — आ वाइब्रेशन फेरु आ जात रहे। तीन विजिट के करेक्शन वेट अब एक-दुसरा से टकरा रहल रहे।

हमनी सारा पुराना करेक्शन वेट हटा दिहनी (तीन सेट, कुल 11 वेट)। इंपेलर के साफ करके बेयर मेटल ले पहुँचा दिहनी। शुरू से बैलेंस कइनी। एकल 2-प्लेन करेक्शन: 22 g आगे, 15 g पाछे।

फील्ड डेटा — बार-बार होखे वाला वाइब्रेशन

45 kW ID फैन, 1,470 RPM, अनाज प्रोसेसिंग — 6 महीना में 3 बेर बैलेंस भइल

मूल कारण: समय के साथ खिसके वाला धूल के जमाव के खिलाफ बैलेंसिंग। तीन पुराना करेक्शन वेट सेट हटावल गइल। इंपेलर के साफ करके बेयर मेटल ले पहुँचावल गइल। नया 2-प्लेन बैलेंस।

8.4
पहिले mm/s (गंदा)
0.9
बाद में mm/s (साफ)
89%
कमी
6 महीना+
स्थिर (अबहियों बनल बा)

प्लांट इंपेलर खातिर हर महीना सफाई के शेड्यूल लागू कर दिहलस। छह महीना बाद: वाइब्रेशन अबहियों 1.1 mm/s पर बा। दुबारा बैलेंस के जरूरत नइखे। पहिले के तीन विजिट — पुराना वेट हटावल, वेल्डिंग, माप — के कुल खर्च एगो सही डायग्नोसिस से ढेर रहे।

बैलेंस से पहिले के चेकलिस्ट

कवनो मशीन पर ट्रायल वेट लगावे से पहिले, ए लिस्ट के हर आइटम के जाँच करीं। अगर कवनो चेक फेल हो जाला, त पहिले ओके ठीक करीं। अइसन मशीन के बैलेंस करल जे इनमें से कवनो चेक में फेल होखे, समय के बरबादी बा।

  1. 1
    रोटर साफ बा?
    बेयर मेटल। कवनो धूल ना, कवनो जमाव ना, कवनो प्रोडक्ट बिल्डअप ना। अगर एके साफ ना कर सकीलें, त जोखिम के दस्तावेज बनाईं आ ग्राहक के बताईं कि बैलेंस टिक ना सकेला।
  2. 2
    शाफ्ट सीधा बा?
    डायल इंडिकेटर चेक। TIR मशीन के टॉलरेंस के भीतर होखे के चाहीं (प्रिसिजन खातिर 0.02–0.05 mm, भारी इंडस्ट्रियल खातिर 0.1 mm)। अगर बाहर बा, त सीधा करीं भा बदलीं।
  3. 3
    कवनो ढिलाई नइखे?
    सब बोल्ट टॉर्क कइल गइल। हर फुट के नीचे फीलर गेज — कवनो सॉफ्ट फुट ना। बेसप्लेट में कवनो दरार ना। बेयरिंग पेडेस्टल मजबूत। स्पेक्ट्रम: हार्मोनिक्स के कवनो "जंगल" ना।
  4. 4
    अलाइनमेंट ठीक बा?
    एक्सियल वाइब्रेशन रेडियल के 50% से कम। स्पेक्ट्रम में कवनो तेज 2× ना। अगर शक बा, त पहिले लेजर-अलाइन करीं।
  5. 5
    रेजोनेंस के लगे नइखे?
    स्थिर RPM पर फेज स्थिर (±10° के भीतर)। अगर फेज बहत बा, त बैलेंसिंग से पहिले स्पीड बदलीं भा संरचना में बदलाव करीं।
  6. 6
    ऑपरेटिंग तापमान पर बा?
    गरम चले वाला मशीन खातिर: ठंडा में ना, थर्मल स्टेडी स्टेट पर बैलेंस करीं। अगर ठंडा/गरम के फर्क ढेर बा, त दुनों के दस्तावेज बनाईं।
  7. 7
    टैकोमीटर आ रेफरेंस फिक्स बा?
    रिफ्लेक्टिव मार्क अपना जगह पर। टैकोमीटर सुरक्षित। एंगल दिशा के पुष्टि भइल (घूमे के दिशा के साथ भा खिलाफ)। पहिला रन के बाद कवनो रेफरेंस मत हटाईं।

अक्सर पूछल जाए वाला सवाल

तीन आम कारण: (1) गलत कोण पर करेक्शन वेट — इंबैलेंस के कैंसिल करे के बजाय दुगुना क देला। (2) मशीन रेजोनेंस के लगे होखे से मास जोड़े पर रिस्पॉन्स अनप्रेडिक्टेबल तरीका से शिफ्ट हो जाला। (3) मैकेनिकल लूजनेस से सिस्टम नॉनलीनियर हो जाला, जेकरा से गलत करेक्शन बनेला। FFT स्पेक्ट्रम चलाईं: अगर तहरा मजबूत 2×, 3×, भा सब-हार्मोनिक्स देखाई दे, त समस्या इंबैलेंस के नइखे।
इंस्ट्रूमेंट एगो करेक्शन देला, बाकिर ओकरा इस्तेमाल ना करीं। डिपॉजिट बाद में उखड़ जाला, आ तुरंत बैलेंस बिगाड़ देला। ओकरो से खराब: तहार करेक्शन वेट नया इंबैलेंस के स्रोत बन जाला। पहिले नंगे धातु तक साफ करीं, तब बैलेंस करीं।
ज्यादातर मामिला में, नाहीं। मुड़ल शाफ्ट से ज्यामितीय एस्केंट्रिसिटी बनेला, ना कि सिंपल मास एसिमेट्री। तू एगो स्पीड पर वाइब्रेशन घटा सकीलें, बाकिर दोसर स्पीड पर ई अउरी खराब हो जाला आ शाफ्ट स्ट्रेस बढ़ जाला। डायल इंडिकेटर से रनआउट चेक करीं — अगर ई टॉलरेंस (प्रिसिजन रोटर खातिर 0.02–0.05 मिमी) से ढेर होखे, त बैलेंसिंग से पहिले सीधा करीं भा बदल दीं।
थर्मल डिस्टॉर्शन। बड़हन मोटर आ हॉट-गैस फैन में तापमान बढ़ला पर असमान विस्तार होखेला। ठंडा में बैलेंस कइल रोटर के गरम होखला पर मास डिस्ट्रीब्यूशन अलग हो जाला। समाधान: फाइनल ट्रिम बैलेंस से पहिले थर्मल स्टेडी स्टेट तक चलाईं।
FFT स्पेक्ट्रम। स्थिर फेज वाला साफ 1× = इंबैलेंस। कई हार्मोनिक्स = लूजनेस। मजबूत 2× + हाई एक्सियल = मिसअलाइनमेंट। ट्रायल वेट पर रिस्पॉन्स ना करे वाला 1× = मुड़ल शाफ्ट। कॉन्स्टेंट RPM पर अस्थिर फेज = रेजोनेंस। बैलेंसिंग रूटीन शुरू करे से पहिले स्पेक्ट्रम मोड में 5 मिनट बिताईं।
ट्रायल वेट बढ़ाईं। जदि बदलाव 20% से कम होखे, त इन्फ्लुएंस कोएफिशिएंट भरोसेमंद नइखे। सामान्य शुरुआती बिंदु: छोट रोटर खातिर 5–10 g, मंझोला खातिर 10–20 g, बड़हन औद्योगिक खातिर 20–50 g। वेट के वाइब्रेशन के खतरनाक तरीका से ऊँच बनवले बिना देखाई देवे लायक बदलाव पैदा करे के चाहीं।

अंदाजा लगावल बंद करीं। डायग्नोज करे शुरू करीं।

Balanset-1A: FFT स्पेक्ट्रम + वाइब्रोमीटर + 2-प्लेन बैलेंसिंग एक्के किट में। असली खराबी के डायग्नोज करीं, ठीक करीं, वेरिफाई करीं। DHL / UPS से दुनिया भर में शिपिंग। 2 बरिस के वारंटी। कवनो सब्सक्रिप्शन नइखे।

एह पन्ना पर बताइल गइल प्रक्रिया सभ के Vibromera टीम द्वारा Balanset-1A—एगो पोर्टेबल ड्युअल-चैनल बैलेंसर आ वाइब्रेशन एनालाइजर—के इस्तेमाल से, साइट पर रोटर बैलेंसिंग खातिर विकसित कइल गइल आ फील्ड में टेस्ट कइल गइल।


Nikolai Shelkovenko

Nikolai Shelkovenko

Nikolai Shelkovenko कंपन विश्लेषण के इंजीनियर हईं आ Vibromera के संस्थापक आ मुख्य कार्यकारी अधिकारी हईं। 15 साल से भी ढेर समय से ऊ घूमे वाला उपकरण के टेस्ट बेंच पर ना, बलुक मौका पर ही संतुलित करत आ रहल बानी: मल्चर, औद्योगिक पंखा, क्रशर, सेंट्रीफ्यूज, शाफ्ट आ स्पिंडल। एही काम से Balanset उपकरण निकलल — इनका के अइसन औजार के रूप में बनावल गइल जेके विशेषज्ञ मशीन तक ले जाके मौका पर अकेले इस्तेमाल कर सके, ना कि प्रयोगशाला के उपकरण के रूप में। Vibromera के स्थापना 2017 में भइल आ 2023 से ई पुर्तगाल के पोर्तो शहर में बा। Balanset श्रृंखला के विकास, असेंबली आ सहायता सब इहँवें होला। प्रमुख उपकरण Balanset-1A ह — एक आ दू तल में संतुलन आ कंपन डायग्नोस्टिक्स खातिर एगो पोर्टेबल एनालाइज़र। Nikolai खुद ग्राहक सहायता में, कठिन संतुलन के मामिला सुलझावे में आ सॉफ्टवेयर के विकास में शामिल रहेलन। ऊ दुनिया भर के ग्राहकन के साथ, कवनो भाषा में काम करेलन।

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Balanset-1A · €1975इंजीनियर से पूछीं